
बीजिंग (चीन) – चीन ने हाल ही में कमीशन किए गए अपने अत्याधुनिक विमानवाहक पोत ‘फुजियान’ के जरिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापल्ट तकनीक का सफल परीक्षण किया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। इस तकनीक को पारंपरिक स्टीम कैटापल्ट की तुलना में तेज और सुरक्षित बताया जा रहा है।
सरकारी टीवी द्वारा जारी फुटेज में देखा गया कि फुजियान के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम ने 30 टन वजन वाले लड़ाकू विमान को, जो 170 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहा था, केवल 0.2 सेकंड में रोक दिया। चालक दल के मुताबिक इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ इसकी विस्फोटक त्वरण शक्ति है, जो कम दूरी में विमान को उड़ान भरने योग्य गति दे सकती है और उतनी ही तेजी से उसे रोक सकती है। इसके साथ ही, भारी विमानों के बावजूद स्टीम कैटापल्ट की तुलना में शोर भी कम होता है।
चीनी सैन्य विशेषज्ञ सोंग झोंगपिंग ने बताया कि इस सिस्टम की मदद से विमानवाहक पोत से विमानों की टेकऑफ दर कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे युद्ध की स्थिति में ‘फुजियान’ लगातार हमले कर सकेगा।
5 नवंबर को सेवा में आने के बाद फुजियान ने अपने पहले समुद्री मिशन में जे-35 स्टील्थ फाइटर, भारी जे-15टी, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान जे-15डीटी और केजे-600 अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट के साथ टेकऑफ और लैंडिंग का अभ्यास किया। इस अभ्यास ने संकेत दिया कि चीन अब अमेरिका के बराबर समुद्री तकनीक विकसित करने की दिशा में काफी आगे बढ़ चुका है।




